Noida Labour Violence : अप्रैल महीने में नोएडा को दहलाने वाली श्रमिक हिंसा के मामले में नया और आश्चर्यजनक मोड़ सामने आया है। सेक्टर-63 कोतवाली पुलिस ने इस हिंसा में शामिल नौ आरोपियों के खिलाफ दो और नए मुकदमे दर्ज कर दिए हैं। इस नए कार्रवाई के बाद पुलिस ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में आरोपियों की न्यायिक हिरासत की मांग की, जिस पर अदालत में बहस हुई और जज साहब ने भी पुलिस की इस जल्दबाजी पर बड़ी टिप्पणी कर दी। इंटरनेट सबूतों से आगजनी-पथराव के आरोपी घिरे अप्रैल में अपनी मांगों के समर्थन में हुए हिंसक प्रदर्शनों के दौरान नोएडा के सेक्टर-63 और फेज-दो में व्यापक आगजनी, तोड़फोड़, चक्काजाम और पथराव किया गया था। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और ठोस सबूतों के जरिए आरोपियों की पहचान की थी। इस मामले में आकृति, रूपेश, सृष्टि और मनीषा सहित कई लोगों को मुख्य आरोपी बनाया गया है, जिनसे पुलिस पहले भी रिमांड पर पूछताछ कर चुकी है। कोर्ट में गरमाई बहस, जज ने जताई हैरानी बचाव पक्ष के अधिवक्ता रजनीश यादव के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने अब तक इन आरोपियों पर कुल 10 मामले दर्ज किए हैं। जैसे ही सेक्टर-63 थाने के जांच अधिकारी ने नए मामलों में आरोपियों की पुनः कस्टडी मांगी, कोर्ट का माहौल गरम हो गया। सूत्रों के अनुसार, एसीजेएम द्वितीय रवि सागर की अदालत ने पुलिस के कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हाल ही में इनके खिलाफ चार मामले दर्ज हुए थे और अब फिर से दो नए मामले आए हैं। फिलहाल, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पुलिस रिमांड पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है, जिससे पुलिस और आरोपियों के बीच की स्थिति और जटिल हो गई है। ये भी पढ़े : UP Crime News: रॉयल सिटी में आधी रात को ‘खूनी खेल’… मामूली कहासुनी और फिर दनादन चलीं गोलियां!